सिंगरौलीसोनभद्र

भाईचारे के साथ ईद मिलादुन्नवी मनाने की सदर शमा भारती ने की अपील

उमेश सागर,,

आपसी भाईचारे का प्रतीक है ईद मिलादुन्नवी: कीर्ति पाठक

सिंगरौली। आपसी मोहब्बत, भाईचारा तथा कौमी एकता का त्यौहार ईद मिलादुन्नवी १९ को है। इस दौरान मस्जिद ए आयशा की सदर शमाँ भारती ने मुस्लिम समुदाय से अपील किया है कि इस त्यौहार को कौमी एकता के रूप में मनाये। उन्होने कहा कि कोरोना महामारी भले ही अब  देश में कम हो गयी हो लेकिन देश प्रदेश सहित जिले में लगातार तीसरी लहर आने की संभावना जतायी जा रही है ऐसे में हमें त्यौहारों पर आवश्यक रूप से सावधानियां बरतनी चाहिए। उन्होने आम अवाम से अपील किया है कि हर व्यक्ति हर हाल में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुये त्यौहारों को मनायें। इस दौरान भाजपा नेता कीर्ति पाठक ने सभी जिले वासियों को ईद मिलादुन्नवी की शुभकामनाएं प्रेषित की है तथा उन्होने कहा कि आपसी भाईचारे का यह त्यौहार हर व्यक्ति कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुये मनायें। उन्होने कहा कि दुनियाभर में मिलाद उन-नबीएक ऐसा त्योहार है जो इस्लाम के मानने वाले हर व्यक्ति के लिए खास महत्व रखता है. इस त्योहार को ईद-ए-मिलाद या मालविद के नाम से भी जाना जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार इस्लाम के तीसरे महीने यानि मिलाद उन-नबी शुरुआत हो चुकी है. इस माह की 12 तारीख को 571ई. में पैंगबर साहब का जन्म हुआ था. इस दिन को दुनियाभर में खासतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस बार ईद-ए-मिलाद 19 अक्टूबर को पड़ रहा है.कहा जाता है कि पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म मक्का में इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे माह की 12वीं तारीख को हुआ था. उनके जन्मदिन को मिलाद उन-नबी के नाम से बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. पैगंबर मोहम्मद साहब का पूरा नाम पैगंबर हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहुअ अलैही वसल्लम था. उनकी मां का नाम अमीना बीबी और पिता का नाम अब्दुलाह था. मान्यता है कि पैगंबर हजरत मोहम्मद ही थे जिन्हें अल्लाह ने सबसे पहले पवि. कुरान अता की थी. फिर पैगंबर साहब ने पवित्र कुरान का संदेश जन-जन तक पहुंचाया. हजरत मोहम्मद साहब का कहना था कि सबसे नेक इंसान वही है, जिसमें मानवता होती है.

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