उत्तर प्रदेश

शाहगंज एसओ को एफआईआर दर्ज करने का आदेश

– कोर्ट ने दो दिन के भीतर कृत कार्यवाही से अवगत कराने को कहा
– दलित महिला के उत्पीड़न का मामला
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट खलीकुज्ज्मा की अदालत ने दलित महिला के उत्पीड़न के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए शाहगंज एसओ को एफआईआर दर्ज कर दो दिन के भीतर कृत कार्यवाही से अवगत कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश शाहगंज थाना क्षेत्र के जमगांव निवासिनी कांति देवी पत्नी राधे कन्नौजिया की तरफ से महिला अधिवक्ता आसमा के जरिये दाखिल धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दिया है।
दिए प्रार्थना पत्र में कांति देवी ने अवगत कराया है कि वह अनुसूचित जाति की गरीब महिला है। बाप-दादे के जमाने से गांव के पंकज कुमार सिंह पुत्र स्व. कृष्ण कुमार सिंह के घर साफ-सफाई व बनी-मजदूरी का काम उसके साथ ही पूरा परिवार करता चला आ रहा है। जब मजदूरी बढ़ाने की बात कही गई तो पंकज सिंह ने 100 रुपये प्रतिदिन देने के लिए कहा तो सहमत न होने पर मड़ई व घर छोड़कर चले जाने को कहा गया। पति के नाम से आए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करा रही थी जिसके बारे में पंकज सिंह को पता चला तो 27 जून 2021 को सुबह 10 बजे आए और जातिसूचक शब्दों से गाली दे कर अपमानित करने लगे तथा मना करने पर बेरहमी से मारापीटा भी। बचाव करने आई बेटी और बहू को भी मारापीटा। 2 सितम्बर 2021 को भी सुबह 10 बजे सार्वजनिक स्थल पर बेरहमी से मारापीटा एवं जातिसूचक शब्दों से गाली दे कर अपमानित किया। इतना ही नहीं घर का सामान बाहर फेंक दिया। चोटों का डॉक्टरी मुआयना कराया और थाने पर सूचना दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब 23 सितम्बर को एसपी सोनभद्र को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने महिला अधिवक्ता आसमा के तर्कों को सुनने एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए शाहगंज एसओ को एफआईआर दर्ज कर कृत कार्यवाही से दो दिन के भीतर अवगत कराने का निर्देश दिया है।

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