बकरीद की खुशियों पर कोरोना का साया,घरों में पढ़ी गई नमाज, बाजारों में रहा सन्नाटा

बकरीद की खुशियों पर कोरोना का साया,घरों में पढ़ी गई नमाज, बाजारों में रहा सन्नाटा

चोपन(संवाददाताअशोक मद्धेशिया)पूरे नगर चोपन में कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन का दौर है इस बीच ईद के त्यौहार के बाद अब बकरीद का त्योहार आया है लेकिन बाजारों में रौनक गायब है चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। लाक डाउन की बंदिशो ने त्यौहार को फीका कर दिया है हालांकि तमाम लोगों ने बकरीद के त्यौहार को सादगी से मनाने का फैसला किया ।जिसे आज समूचे देश में पूरी अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जा रहा है जिसको लेकर चोपन नगर में भी स्थानीय जामा मस्जिद मे मात्र पांच लोगो ने ईद उल अजहा की नमाज़ अदा की वही सभी लोगो ने अपने अपने घरों में नमाज़ अदा की पूछे जाने पर स्थानीय संभ्रांत अल्पसंख्यकों ने बताया कि कोविड -19 से रोकथाम हेतु केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार अपने घर मे नमाज़ अदा कि व पूरे मुल्क से कोरोना महामारी को भगाने के लिए दुआएं मांगी गयी। हालांकि इस बार के त्यौहार पर कोरोना की महामारी और लाक डाउन की बंदिशों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है स्थानीय क्षेत्र में हमेशा बकरीद से पहले बाजार भीड़भाड़ से गुलजार रहते थे सड़कों पर खासी चहल-पहल रहती थी। लेकिन इस बार बाजार लाक हैं ,जेबे डाउन है और कोरोना का कहर बकरीद की खुशियों में खलल डाल रहा है स्थानीय इलाको की दुकाने ट्रेड रोस्टर के मुताबिक खोली जा रही है लेकिन इसके बावजूद खरीदारों की भीड़ बाहर नहीं निकल रही है। वैसे स्थानीय क्षेत्र के लोगों ने काफी पहले ही यह तय कर लिया था कि इस बार बकरीद का त्यौहार भी सादगी के साथ मनाएंगे घरों पर ही नमाज अदा करेंगे और किसी तरह का जश्न व दावत नहीं करेंगे। स्थानीय

क्षेत्र के कारोबारियों को इस बार दोहरा नुकसान उठाना पड़ा है एक तो उनका कारोबार पिछले 5 महीने से पूरी तरह से ठप है और दूसरा ईद और बकरीद का बड़ा मौका भी उनके हाथ से निकल गया है कहा जा सकता है कि बकरीद की खुशियों पर इस बार कोरोना का असर साफ तौर पर नजर आ रहा है खरीदारों में उत्साह नहीं है कारोबारी मायूस है और हर कोई कोरोना का कहर जल्द से जल्द खत्म होने की दुआएं मांग रहा है।

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