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राजस्व विभाग की अनियमितता को लेकर कलेक्टर सिंगरौली के पास अनिश्चितकालीन हड़ताल

वली अहमद सिद्दीकी,

राजस्व विभाग की अनियमितता को लेकर कलेक्टर सिंगरौली के पास अनिश्चितकालीन हड़ताल

देर शाम प्रशासन द्वारा किया गया वार्ता और दिया गया आश्वासन।

सिंगरौली जिले के अंतर्गत राजस्व विभाग में पर्याप्त मात्रा में अनियमितता व्याप्त है जिसको लेकर दिनांक 21.10. 2020 सुबह 11:00 बजे से समाजसेवी अन्नु पटेल द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठा गया जिसमें जिला प्रशासन को निरंतर 5 महीनों से अवगत कराने उपरांत भी कोई कार्यवाही नहीं की गई और निरंतर पत्राचार करती रही विवश और मजबूर होकर गांव की के सीमांकन कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं जिसमें सिंगरौली वासियों का समर्थन भरपूर रहा और कार्यक्रम स्थल पर लोग अपना समर्थन देते रहें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का कारण विगत कई महीनों से किए गए पत्राचार और ग्रामों के आराजी नंबर का सीमांकन को लेकर था जिसको लेकर जिला प्रशासन हरकत में आए और देर शाम लगभग 8:00 बजे वार्ता होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त किया गया
जिले में निरंतर अवैध उत्खनन संचालित है जिसके संबंध में जिला प्रशासन को निरंतर मेरे द्वारा अवगत कराया जा रहा है किंतु आज दिनांक तक कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं किया गया जबकि अवैध खनन का मामला राजस्व से जुड़ा है नदियों में निरंतर मशीनें रेत खनन हेतु संचालित थी/है जिसके कारण जलीय जीवों को काफी नुकसान हुआ है उक्त समस्त बिंदुओं के आधार पर ग्रामवासियों का कहना है कि जिस आराजी न. पर रेत खनन हेतु खदान आवंटित है वह आराजी गांव में स्थित है ना कि नदी में।
जिसके संबंध में कई बार आवेदन दिया गया किंतु आपके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया जिसके प्रारूप मे हम ग्रामवासी/सिंगरौलीवासी उक्त आराजी नंबर का सीमांकन करवाना चाहते हैं/थे जिसके संबंध में दिनांक 13 अक्टूबर 2020 को आवेदन दिया गया था किंतु जिला प्रशासन एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा संज्ञान में नही लिया गया जिससे कारण राजस्व विभाग में पर्याप्त भ्रष्टाचार व्याप्त है और अवैध रेत उत्खनन के मामले में संरक्षण जिला प्रशासन द्वारा जा रहा है मुख्य माँगे इस प्रकार है :-
1. यह कि मध्य प्रदेश भू अभिलेख में ग्राम हर्रहवा के आराजी नंबर 412 व 413 में शासकीय भूमि है जिसका रकबा क्रमशः 0.770 एवं 1.170 हेक्टेयर है जबकि आवंटित रेत खदान आराजी नं 412 में 3 खदानें 4-4 हेक्टेयर की एवं आराजी नंबर 413 में 5 हेक्टेयर का रकबा आवंटित है कैसे?
2. यह कि ग्राम पिपराकुरंद के आराजी नंबर 1 में शासकीय भूमि मध्य प्रदेश भू अभिलेख में दर्ज नहीं है जबकि आवंटित खदान 4-4 हेक्टेयर की दो खदान संचालित है कैसे ?
3.यह कि ग्राम कादोपानी के आराजी नंबर 01 में शासकीय भूमि में नाला दर्ज है जिसका रकबा 0.1700 हेक्टेयर है जबकि आवंटित करीब खदान 4 हेक्टेयर की है कैसे ?
4.यह कि ग्राम ओरगाई के आराजी नंबर 01 में शासकीय भूमि है जो मध्य प्रदेश भू अभिलेख में महाप्रबंधक रिहंद सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट बीजपुर पता ओरगाई सिंगरौली म.प्र. दर्ज है जिसका रकबा 0.9700 व 0.0100 दर्ज है जबकि आवंटित रेत खदान 4-4 हेक्टेयर की दो खदानें अर्थात कुल 8 हेक्टेयर की है कैसे?
5. यह कि ग्राम एकपई के आराजी नंबर 114 व 137 में नाला दर्ज है जिसका रकबा आवंटित रेत खदान के बराबर है किंतु ग्राम वासियों का कहना है कि रेत खनन रेणु नदी से किया जा रहा है जिसके संबंध में पूर्व में दिनांक 02.03.2020 को जिला कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन दिया गया था जिसके संबंध में आपके समक्ष जिला कलेक्टर कार्यालय का पत्र आया किंतु आपके द्वारा ज्ञापन का निराकरण नहीं किया गया जिससे प्रतीत होता है कि आप देश के पर्यावरण को संरक्षित नहीं करना चाहते और अवैध रेत खनन माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं।
6. यह कि उक्त मामले के संबंध में 14 मई 2020 से निरंतर आपको एवं जिला प्रशासन को सोशल मीडिया के माध्यम से अवगत कराया जा रहा और जिसके संबंध में 25.05.2020 को मेरे अधिवक्ता श्री विनायक प्रसाद शाह जी के द्वारा जिला कलेक्टर ,माइनिंग अधिकारी को उक्त बिंदुओं पर सूचना दिया गया एवं दिनांक 02.06.2020 को मेरे द्वारा ग्राम पंचायत कादोपानी हर्रहवा में धरना प्रदर्शन की अनुमति चाही गई किंतु उपखंड अधिकारी सिंगरौली द्वारा अनुमति प्रदान ना करने उपरांत मेरे द्वारा अकेले धरना किया गया जहां प्रशासन उपस्थित ना होने की स्थिति में अपना ज्ञापन विचरण कर रहे जानवर बैल एवं भैंस को माला स्वरूप पहना दिया गया किंतु फिर भी आपके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया।
7. यह कि जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी निरंतर अवैध रेत खनन हेतु अवगत कराया गया जिसके संबंध में दिनांक 10.06.2020 को मेरे द्वारा पत्र दिया गया और माननीय एनजीटी के आदेश/निर्णय दिनांक 26.11.2019 के निर्णय/आदेश के विपरीत रेत भंडारण की अनुमति प्रदान की गई जो की विधिमान्य नहीं है और माननीय न्यायालय की आदेश/निर्णय की अवमानना हुई है जिसके संबंध में भी मेरे द्वारा निरंतर अवगत कराने उपरांत भी कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं किया गया जो कि विधि के विरुद्ध है।
8. यह कि आपके अधीनस्थ कार्यरत अधिकारी नायब तहसीलदार के समक्ष दिनांक 4.09.2020 को उपस्थित होकर रेत भंडारण से नदी जलाशय की दूरी की जानकारी मांगने उपरांत उक्त अधिकारी द्वारा मौखिक रूप से अवगत कराया गया कि रेत खनन खनिज विभाग से संबंधित है मेरे विभाग से कोई संबंध नहीं है जिसके संबंध में खनिज विभाग से प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है किंतु अभी तक प्रस्तुत नहीं किया गया है जब आएगा तो आपको अवगत करा दिया जाएगा।
क्या आपके अधीनस्थ अधिकारी नायब तहसीलदार (शासन -वृत्त) का कहना सत्य है? तो स्पष्ट लिखित तौर पर आवेदिका को अवगत कराया जाए जिसके संबंध में दिनांक 14.09.2020 को मेरे द्वारा नायब तहसीलदार महोदय को पत्र दिया जा चुका है।

9.यह कि उक्त अवैध रेत खनन को लेकर मेरे द्वारा दिनांक 27.08.2020 को कलेक्टर महोदय के साथ-साथ आपके समक्ष और नायब तहसीलदार शासन वृत्त को पत्र लिखें जिसमे ग्राम हर्रहवा,कादोपानी ,पिपराकुरंद, ओरगाई एंव एकपई के आराजी नंबर 412 व 413,01,01,01 एंव 114 व 137 की जानकारी चाही गई तो आपके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया और कार्यालय नायब तहसीलदार तहसील सिंगरौली जिला सिंगरौली (म.प्र.)के पत्र क्र./99/प्रवा./2020 दिनांक 10.09.2020 के द्वारा अवगत हुआ कि खसरा नकल प्रदाय हेतु लोक सेवा गारंटी अधिनियम लागू है आवेदिका विधि प्रक्रिया के अनुक्रम में आवेदन दिया जाकर खसरे की नकल प्राप्त कर सकती है।
10. यह कि बिंदु क्रमांक 9 में उल्लेखित आराजी के खसरे/ नक्शा की नकल लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त कर सकती है पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जो अभिलेख मध्य प्रदेश भू अभिलेख में दर्ज है वही प्राप्त हो सकता है ना कि एक ही ग्राम में एक ही आराजी नंबर के दो अलग -अलग भूमि की जानकारी लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त नहीं हो सकती।
कृपा कर आप मुझे अवगत कराएं की मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959, मध्यप्रदेश भू-अभिलेख एवं मध्य प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम में एक ही ग्राम में एक ही आराजी नंबर दो स्थानों पर हो सकता है तो उसका रिकॉर्ड/नक्शा/खसरा आदि दस्तावेज किस विधि के उपक्रम में प्राप्त किया जा सकेगा अवगत कराएं एवं उक्त आराजी नंबर एक ही ग्राम में दो स्थानों पर संभव कैसे और किस विधि के अनुक्रम में है यह भी अवगत कराया जाना सामाजिक एवं न्यायहित में होगा।
जिसके लिए सीमांकन कराया जाना अति आवश्यक है बिना सीमांकन का रेत खनन किया जाना पूर्णरूपेण अवैध होगा जिले में खदाने संचालित है और बिंदु क्रमांक 9 में उल्लेखित ग्राम के खदानों का सीमांकन जब तक ना किया जाए तब तक खनन प्रक्रिया पर रोक लगाया जाना अति आवश्यक है।
11. यह की ग्राम पंचायत उर्ती, हर्रहवा, पिपराकुरंद में किए गए रेत भंडारण माननीय एनजीटी नई दिल्ली के आदेश/निर्णय के विरुद्ध/विपरीत है जिसके लिए 10 जून 2020 से निरंतर पत्राचार कर जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया किंतु उक्त रेत भंडारण आज दिनांक तक जप्त नही की गई जिससे मध्य प्रदेश शासन का राजस्व का नुकसान हुआ जो जिला प्रशासन सिंगरौली द्वारा हुआ है। और जिसके कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और राजस्व में हुई त्रुटियों को सुधारा जाए जिसके लिए सीमांकन कराया जाना अति आवश्यक है।
उक्त कार्यक्रम में विद्याभूषण शैलेंद्र कुमार भगवान दास राका विश्वास नंदकिशोर पटेल रतीभान बृजेश सुभाष आदि सैकड़ों लोगों का समर्थन रहा।

राजस्व विभाग में त्रुटिया के सुधार एवं राजस्व विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल किया गया जिसको लेकर शासन के प्रतिनिधि के रूप में अनुविभागीय अधिकारी सिंगरौली ,तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार व पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में ज्ञापन लिया गया किंतु निर्धारित समय सीमा नहीं दी गई और बताने को बोलकर टाल दिया गया जिसको लेकर अवगत कराना चाहूंगी की 10 दिवस के अंदर यदि जिला प्रशासन द्वारा कोई रिस्पांस नहीं मिलता तो आगामी समय में विधि के अनुक्रम एवं कानूनी रूप से कदम उठाए जाएंगे जिसकी जिम्मेदार जिला प्रशासन व अनुविभागीय अधिकारी सिंगरौली के साथ साथ पुलिस प्रशासन की होगी।
अन्नु पटेल (समाजसेवी)

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