उत्तर प्रदेश

*भगवती सीता के हरण की सूचना जटायु ने दी थी श्रीराम को*

 

सोनभद्र:राबर्ट्सगंज नगर में चल रहे श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ के छठे दिन प्रातः मंगला भक्त विनय अग्रवाल, राधेश्याम केसरी, हर्षवर्धन केसरवानी, विमलेश पटेल, मन्नू पांडे, चंदन चौबे, महेश चंद्र द्विवेदी घनश्याम सिंघल नरेंद्र गर्ग देवेंद्र पटेल, शिशु तिवारी भक्तों ने पूजन के पश्चात मंचासीन आचार्यों एवं भक्तों गणों ने दिव्य आरती उतारकर परम पूज्य व्यास जी महाराज ने भूदेवो के साथ प्रारंभ कराया।

कथा प्रसंग पर चर्चा करते हुए मुख्य व्यास श्री श्री सूर्य लाल मिश्र ने जयंत की कुटिलता और फल प्राप्ति, अत्री मिलन एवं स्तुति, श्री सीता अनसूया मिलन और श्री सीता जी को अनसूया जी का पतिव्रत धर्म कहना, श्री राम जी के आगे प्रस्थान विराट बध और राक्षस वध की प्रतिज्ञा करना,स्वर्ण मृग मरीचिका का मारा जाना सीता हरण और सीता जटायु रावण युद्ध श्री राम जी का विलाप जटायु प्रसंग, सबरी पर कृपा, नारद राम संवाद आदि विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि-” रामचरितमानस का एक-एक दोहा, चौपाई, छंद मंत्र है और प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय का हो इसका पाठ करना चाहिए इससे उसे भवसागर से मुक्ति प्राप्त हो सकती है।  नारायण से नर बने प्रभु श्री राम विलाप कर रहे हैं- *हे खग मृग हे मधुकर श्रेणी।

तुम देखी सीता मृग नयनी।। खंजन सुक कपोत मृग मीना। मधुप निकर कोकिला प्रवीणा।।* श्री राम के श्री मुख से आज पशु- पक्षी, पेड़- पौधे अपनी प्रशंसा सुनकर हर्षित हो रहे हैं, श्री राम जी के विलाप से ऐसा प्रगट हो रहा है कि मानो कोई महावीरही और अत्यंत कामी पुरुष पत्नी की खोज में जंगल- जंगल भटक रहा हो।रात्रि में गोरखपुर से पधारे कौशल करता हेमंत त्रिपाठी ने त्रिपाठी ने रामचरितमानस के राणा एवं किष्किंधा कांड में वर्णित कथा की चर्चा करते हुए कहा कि कपटी व्यक्ति हर युग में रहे हैं और अपने कटप कपट के माध्यम से वह दूसरों को कष्ट पहुंचाते रहे हैं ।

भगवान श्रीराम को लौटाने के लिए अयोध्या से भ्राता भरतजी दलबल सहित चित्रकूट पहुंचे और इस मर्म को एक संत कहते हैं-

भरत चले चित्रकूट राम को मनाने।राम कथा सर्वव्यापी है इसका श्रवण, मनन, चिंतन विश्व के हर व्यक्ति को करना चाहिए।मंच का संचालन संतोष कुमार द्विवेदी ने किया।महामंत्री सुशील पाठक के अनुसार -’31 दिसंबर 2020 नव वर्ष की पूर्व संध्या पर प्रत्येक वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रातः 8:00 बजे से रुद्राभिषेक अजय शुक्ला एवं माधुरी शुक्ला द्वारा किया जाएगा।

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