उत्तर प्रदेशसोनभद्र

*भ्रष्टाचार :- पैतीस से से अधिक मकानों की जमीन गुप्त गलत तरीके से रजिस्ट्री कराने का आरोप*

 

15-20 वर्षो से 1.1 हेक्टेयर भूमि पर पैंतीस से अधिक की संख्या में आबाद मकानो को खाली बताकर दूसरे के नाम जमीन रजिस्ट्री कराने का मामला प्रकाश में आते ही लोगों में मचा खलबली

अनिल जायसवाल/काजल पासवान डाला संवाददाता

डाला सोनभद्र – आइए जानते हैं कि क्या मामला है जहां के तरफ डाला बारी खनन को लेकर आये दिन पूरे प्रदेश में चर्चा रहता वहां से पर एक नये मामला रहवासियों में खलबली मचा दिया है स्थानीय बिल्ली मारकुंडी के टोला बाड़ी में 15-20 वर्षो से 1.1 हेक्टेयर भूमि पर पैंतीस से अधिक की संख्या में आबाद मकानो को खाली बताकर दूसरे के नाम जमीन रजिस्ट्री कराने का मामला प्रकाश में आते ही रहवासियो के होस उड़ गये।मामला बिल्ली मार्कुण्डी ग्राम पंचायत के बारी अघोर सेवा सदन के समीप का है।रहवासियो को जानकारी होने पर सभी लोग शुक्रवार को मुख्यालय पहुंच कर अपर जिलाधिकारी के समक्ष अपना ब्यान दर्ज कराया है।
सूत्रों की मानें तो शिक्षा से दूर रहे आदिवासियो को बहला फुसलाकर उनकी मालिकाना जमीन को दूसरो के नाम रजिस्ट्री कराकर कब्जाने का शणयंत्र रचा जा रहा है।ऐसा ही प्रकरण चोपन ब्लाक के बिल्ली मार्कुण्डी ग्राम पंचायत के बारी स्थित अघोर सेवा सदन के समीप का प्रकाश में आया है।युनिक गाटा संख्या 2140887187200112 जिसका खसरा संख्या 7187क का क्षेत्रफल 1.1 हेक्टेयर भूमि पर 20 वर्षो से निवास कर रहे सीतल,मो.खलील,सरताज,पलटू,मिठाई लाल,मैना देवी व 15 वर्षो से निवास कर रहे आत्माराम गुप्ता,कमला देवी,रामराज गुप्ता,दया शंकर,संतोष सोनी,मनोज गुप्ता,शारदा देवी,नित्यानन्द,वेद सिंह,विनोद पाल,हेमन्त पटेल,जगदीश यादव,संजय पटेल,शांती देवी,जालती देवी,हिरालाल,सितला,ओम प्रकाश,विश्वनाथ,जहरूद्दीन,रामकुमार,मैना देवी,दुर्गा वर्नवाल,छविनाथ,सिरताज साह आदि लोगो ने बताया कि कुछ दिन पूर्व रावर्टसगंज तहसील से कुछ अधिकारी बस्ती में आकर उक्त रकबा संख्या पर निवास करने वाले लोगो के घर जाकर हस्ताक्षर कराने लगे।जिसके सम्बंध में लोगो ने जब उन अधिकारियो से पूछा तो उन्होने बताया कि उक्त गाटा संख्या का 1.1 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री भूमिमालिक रामखेलावन पुत्र स्व.परशुराम निवासी सेवा सदन ने 21 सितम्बर 2020 को गोविन्द पुत्र विफन निवासी समईलवा,पोस्ट बागेसोती,परगना अगोरी ,जिला सोनभद्र के नाम कर दिया है।अधिकारियो ने बस्ती के रहवासियो से बताया कि रजिस्ट्री में उक्त भूमि को खाली दिखा कर कृषि योग बताया गया है।जिस भूमि कि रजिस्ट्री में लगे स्टाम्पो की जांच-पड़ताल करने व मौके पर भूमि की स्थिति का जायेजा लेने वे लोग आये है ।अधिकारियो की बात सुनकर सभी रहवासी अवाक रह गये।सभी ने अपनी आपति दर्ज कराया और पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।जिसकी रिपोर्ट जब अधिकारियो ने अपर जिलाधिकारी को दिया तो उन्होने तत्काल उक्त भूमि पर बसे सभी को शुक्रवार को कार्यालय बुलाया।जहां सभी रहवासी अपने साथ भूमि मालिक रामखेलावन को भी साथ लेकर गए। मौके पर सभी रहवासियो ने एडीएम के समक्ष अपना ब्यान दर्ज कराया साथ ही जब भूमि मालिक रामखेलावन ने आप बिती अधिकारी को लोगो के समक्ष बताया तो लोगो के होस उड़ गए।रामखेलावन ने लिखित ब्यान दिया कि उसका छोटा भाई रामबली पुत्र परशुराम ने उसे यह कहकर कचहरी लाया था कि जमीन की वरासत करानी है।जहां चलना उनका जरूरी है।उसने बताया कि उक्त भूमि पर किसी को किसी के पक्ष में कोई पंजीकृत बैनामा नहीं किया है।बल्कि 15-20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे सभी लोगो को स्टाम्प पेपर पर लिखकर दिया है।गोविन्द पुत्र विफन नामक ब्यक्ति से न तो कभी वह मिला है और ना ही उसे जानता-पहचानता है।उक्त बैनाम पुरी तरह फर्जी है।
भूमि मालिक रामखेलावन व रहवासियो के दर्ज ब्यान से अधिकारियो के होस उड़ गये है।जिसको लेकर अधिकारियो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही करने की बात कही है इस संबंध में में क्षेत्रीय लेखपाल ओम प्रकाश ने बताया कि मामला न्यायिक प्रक्रिया में है जो भी वारा ,न्यारा होगा न्यायालय से ही होगा

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