उत्तर प्रदेश

ओबरा में गांधी व शास्त्री की जयंती को कांग्रेसियों ने धूम धाम से मनाया

 

सोनभद्र। ओबरा में आज वीआईपी रोड स्थित अवधेज लाज पर महात्मा गांधी की 152वी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की 115वी के जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य (P.C.C) ईश्वरी नारायण सिंह के अध्यक्षता में उनके आवास पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष राकेश मिश्रा , जिला कांग्रेस महासचिव बृजेश तिवारी और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नगर अध्यक्ष राहुल पांडेय के साथ मिलकर जयंती को मनाया गया सर्व प्रथम दोनो महान विभूतियों के फोटो पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के द्वारान नगर कांग्रेस और NSUI के पदाधिकारी मौजूद रहे।

वही प्रदेश कांग्रेस सदस्य ईष्वरी नारायण सिंह ने कहा कि गांधी जी ने हमे सत्य और अहिंसा के राह पर चलने के लिए प्रेरित किया वही देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री ने देश को जय जवान जय किसान का नारा दिया। गांधी जी ने किस प्रकार अंग्रेजो के खिलाफ आंदोलन कर उनको देश से भगाया गया। ये उनके सत्य की सबसे बड़ी ताकत थी। सत्य व अहिंसा के आगे कितना बड़ा खूंखार हो दब ही जाता है। देश के आजादी की लड़ाई में कुछ ऐसे लोग भी थे जो अंग्रेजी हुकूमत के आगे झुककर देश के क्रांतिकारीयो को सजा दिलाने का भी काम कर रहे थे पर गांधी जी उन गद्दारों के सामने नही झुके और देश को आजादी दिलाकर ही दम लिया। गांधी जी यह बात को पता थी लेकिन फिर भी गांधी जी ने उनकी आलोचना करने के बजाए उनको अपने साथ मे रखा और अपने अडिग वचन के ऊपर टिके रहे और अंग्रेजो को बिना हिंसा के भारत से भगा दिया । वही देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री सच मे बहादुर थे जो देश की तरफ बुरी नजर करने वाले पाकिस्तानी सैनिकों को सबक सिखाया। लाल बहादुर शास्त्री ने हमारे देश को जय जवान जय किसान का नारा दिया।

वही ओबरा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने कहा कि 02 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत के दम पर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उन्हीं के विचारों के सम्मान में 2 अक्टूबर को हर साल अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तरह इस दिन राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिया गया है। वही पूर्व प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन, मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे। जब लाल बहादुर शास्त्री केवल डेढ़ वर्ष के थे तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। उनकी माँ अपने तीनों बच्चों के साथ अपने पिता के घर जाकर बस गईं। उस छोटे-से शहर में लाल बहादुर की स्कूली शिक्षा कुछ खास नहीं रही लेकिन गरीबी की मार पड़ने के बावजूद उनका बचपन पर्याप्त रूप से खुशहाल बीता।

वही जिला महासचिव बृजेश तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी स्कूल में गांधी जी अंग्रेजी में अच्छे विद्यार्थी थे, जबकि गणित में औसत व भूगोल में कमजोर छात्र थे। उनकी हैंडराइटिंग बहुत सुंदर थी। महान आविष्कारक अल्बर्ट आइंस्टीन बापू से खासे प्रभावित थे। आइंस्टीन ने कहा था कि लोगों को यकीन नहीं होगा कि कभी ऐसा इंसान भी इस धरती पर आया था। वह कभी अमेरिका नहीं गए और न ही कभी प्लेन में बैठे। उन्हें अपनी फोटो खिचंवाना बिल्कुल पसंद नहीं था। जब वकालत करने लगे तो वह अपना पहला केस हार गए थे। वह अपने नकली दांत अपनी धोती में बांध कर रखा करते थे। केवल खाना खाते वक्त ही इनको लगाया करते थे। उन्हें 5 बार नोबल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1948 में पुरस्कार मिलने से पहले ही उनकी हत्या हो गई। उनकी शवयात्रा में करीब दस लाख लोग साथ चल रहे थे और 15 लाख से ज्यादा लोग रास्ते में खड़े हुए थे। वही पूर्व प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री विदेशी दासता से आजादी के लिए देश के संघर्ष में अधिक रुचि रखने लगे। वे भारत में ब्रिटिश शासन का समर्थन कर रहे भारतीय राजाओं की महात्मा गांधी द्वारा की गई निंदा से अत्यंत प्रभावित हुए। लाल बहादुर शास्त्री जब केवल ग्यारह वर्ष के थे तब से ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुछ करने का मन बना लिया था। उन्हें वाराणसी में चाचा के साथ रहने के लिए भेज दिया गया था ताकि वे उच्च विद्यालय की शिक्षा प्राप्त कर सकें। घर पर सब उन्हें नन्हे के नाम से पुकारते थे। वे कई मील की दूरी नंगे पांव से ही तय कर विद्यालय जाते थे, यहाँ तक की भीषण गर्मी में जब सड़कें अत्यधिक गर्म हुआ करती थीं तब भी उन्हें ऐसे ही जाना पड़ता था। शास्त्री जी हमारे देश के महान नेता थे उनकी जय जवान जय किसान के नारे से देश ओत प्रोत है और हमे भी यही शिक्षा मिलती है कि किसानों व जवानों का हम कद्र करते रहे।

वही इस मौके पर कृष्णनंदन वर्मा ,लक्ष्मीकांत मिश्रा , राहुल पांडेय, भानु प्रताप ,राजेश मिश्रा ,अवधेश पांडेय, नियाज अहमद ,शकील अहमद अवधेश सिंह ,सुनील सिंह ,अशोक राय अरविंद ,मुकेश कुमार व अन्य ओबरा नगर कांग्रेस कमेटी व एनएसयूआई के पदाधिकारी लोग उपस्थित रहे

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