उत्तर प्रदेश

तिनताली गाँव मे ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेटरी पर गिर सकती है गाज,एस डी एम ने स्थलीय निरीक्षण कर घोटाले की की पुष्टि

सोनभद्र जिले के तीनताली ग्राम सभा मे विगत कई माह पहले लगभग 25 हजार रुपये के घोटाले में समाजसेवी विजय उपाध्याय की मेहनत रंग लाई बार बार लिखित तहरीर व शिकायत करने के बाद उपरोक्त मामले को उप जिलाधिकारी महोदय ने संज्ञान में लेते हुए लिखित जांच रिपोर्ट प्रेषित की है जिसमे साफ अंकित है ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेटरी की मिली भगत से बिना कार्य कराए ही भुगतान करा लिया गया है । आपको बताते चलें कि सोनभद्र जिले के तीनताली गाँव मे विगत नवम्बर माह में ही सामाजिक कार्यकर्ता बिजय उपाध्याय द्वारा उच्चाधिकारियों को लिखित तहरीर दी गयी थी की तिनताली में ताज मोहम्मद के घर से बगीचा होते हुए कब्रिस्तान तक सड़क निर्माण दिखाकर 18 हजार 770 रुपये का भुगतान करा लिया गया है ।जिस समय तक यह भुगतान हुआ ये सड़क बनी ही नही थी । साथ ही तिनताली में ही जवाहिर मिस्त्री के घर से संजय जायसवाल के घर तक कच्ची नाली गहरीकरण कार्य दिखाकर 5 हजार 710 रुपये का भुगतान करा लिया गया जबकि ये नाली अस्तित्त्व में है ही नही । उपरोक्त दोनो मामले में उपजिलाधिकारी महोदय ने मामला स्पस्ट करते हुए बताया है कि ताज मोहम्मद के घर से कब्रिस्तान तक कि सड़क मौके पर चकरोड है तथा इसी चकमार्ग पर 225 मीटर लम्बाई की सड़क बनाई जानी प्रस्तावित है स्थल पर लगभग 25-30 मीटर तक मिट्टी खोदकर डाला गया है जिसे देखने से प्रतीत होता है यह कार्य विगत एक सप्ताह के अंदर ही आरम्भ किया गया है । इस कार्य के लिए दिनांक 25.11.2020 को स्वीकृत मस्टरोल के अनुसार 18768 रुपये की धनराशि निकाल लिया गया है । मौके पर निरीक्षण से स्पस्ट है कि इस सड़क के निर्माण से पूर्व ही सरकारी धनराशि निकाल ली गई है ।तथा शिकायत होने के बाद ग्राम प्रधान द्वारा कार्य कराना आरम्भ किया गया है। वही दूसरे मामले में जवाहिर मिस्त्री के घर से संजय जायसवाल के खेत तक कच्ची नाली के गहरीकरण कार्य को भी स्थल पर जाकर शिकायतकर्ता ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेटरी तथा अन्य ग्रामीणजन की उपस्थिति में देखा गया मौके पर प्रश्नगत नाली का अस्तित्त्व ही नही पाया गया इसलिए नाली के गहरीकरण का औचित्य नही है। जबकि पंचायत सेक्रेटरी ने बताया कि दिनांक 01.07.2021 को स्वीकृत मस्टरोल के अनुसार 4284 रुपये की धनराशि निकाल ली गयी है। उपरोक्त स्थलीय जांच से यह निष्कर्ष प्राप्त होता है कि ग्राम प्रधान व तत्कालीन सेक्रेटरी द्वारा कार्य प्रारम्भ होने के पूर्व ही गबन किया गया है जिससे स्पस्ट हो रहा है कि पंचायत सेक्रेटरी व ग्राम प्रधान द्वारा मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग की योजना थी जो शिकायत होने के उपरांत प्रकाश में आई। जांच में शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत की पुष्टि हुई है। विगत कई महीनों की जांच प्रक्रिया से आजिज होकर शिकायत कर्ता बिजय उपाध्याय ने बताया कि अगर जल्द दोषियों पर कार्यवाई नही की जाती तो जनता दरबार पहुचकर मामले की जानकारी मुख्यमंत्री महोदय को दी जाएगी।

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