उत्तर प्रदेशसोनभद्र

अनपरा,बड़े अकीदत के साथ निकला मुहर्रम का ताजिया

अनपरा थाना क्षेत्र में हिंदू मुस्लिम एकता की प्रतीक

वली अहमद सिद्दीकी,,

अनपरा सोनभद्र,बड़े अकीदत के साथ निकला मुहर्रम का ताजिया पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग मोहर्रम पर मातम मनाते हैं मोहर्रम के चांद के 10 तारीख को कर्बला की जंग में पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी इस्लाम की रक्षा के लिए उन्होंने खुद को कुर्बान कर दिया था इस जंग में उनके साथ 72 साथी शहीद हुए थे इराक के शहर में जहां शहीद हुए थे वही उनका मकबरा है जहां पर इमाम हुसैन और यजीद में जंग हुआ था,
अनपरा थाना क्षेत्र में हिंदू मुस्लिम एकता की प्रतीक हिंदू भाइयों ने मोहर्रम के जलूस में आए हुए मेहमानों को जगह जगह पंडाल लगाकर जलपान का इंतजाम किया गया मुस्लिम भाइयों ने जगह जगह नाश्ता पानी का इंतजाम किया गया अनपरा थाना क्षेत्र में हिंदू मुस्लिम एकता की प्रतीक

आज अनपरा थाना क्षेत्र

बड़े अकीदत के साथ मोहर्रम का ताजिया निकाला गया अनपरा नुरियब मोहल्ला , बनकट मोड पहाड़ी मस्जिद अनपरा बाजार ,रेनुसागर, ककरी ,औडिमोड ,पिपरी सोनवानी ,दिबुलगंज इत्यादि जगहों से मुहर्रम में हुसैन की याद मे ताजिया निकली गई है ,हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हुसैन की शहादत मे ताजिया निकली गयी और लोगे ने शांन्तिपूर्वक जुलुस निकाले हुसैन की याद मे मातम की या हुसैन जिंदाबाद् का नारा भी लगाया गया।इस तजिया को देखने के लिये भारी संख्या मे लोग मौजुद रहे अनपरा थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय के साथ चंद्रभान सिंह चौकी प्रभारी रेनू सागर के देखरेख में शांतिपूर्वक जुलूस निकाला गया प्रशासन हर क्षेत्र में मौजूद रहे, डिबुलगंज कर्बला मैदान में ,बल्केश्वर सिंह, हरदेव सिंह, प्रमोद शुक्ला, मनीष श्रीवास्तव , आकाश पांडेय, सरजू वैश्य, मुख़्तार रिजवी, शाहजाद अली, अयूब खान, जलालुद्दीन,जैनुल आब्दीन,व हजारों की संख्या में लो मौजूद रहे

 

प्रत्येक वर्ष को इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन के प्रवर्तक पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की शहादत को याद करने और शोक मनाने के लिए याद किया जाता है। मुहर्रम यह एक त्योहार नहीं है, बल्कि मुसलमानों के हिजरी वर्ष का यह पहला महीना है जिसे शहादत का महीना कहा जाता है। मुहर्रम के नौवें और दसवें दिन को मुसलमान रोजे़ रखते हैं तथा मस्जिद और घरों में अल्लाह की इबादत करते हैं

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