सोनभद्र

म्योरपुर हवाईपट्टी के जद में आने वाली जमीन में पुलिस ने रोका काम

एयरपोर्ट अथॉरिटी चिन्हित करें भूमि तभी रुकेगा भवन निर्माण ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी

 

ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए जमीन चिन्हित करने कि की मांग

म्योरपुर/सोनभद्र।

म्योरपुर हवाईपट्टी का विस्तार करीब 700 एकर में होना है। एअरपोर्ट अथार्टी के विवेक चन्द्र वंशी वरिष्ठ प्रबन्धक (अभि-सिविल)द्वारा भारतीय विमानपत्तन प्रधिकरण को म्योरपुर हवाईपट्टी के जद में आने वाले जमीन पर हो भवन निर्माण के बारे में पत्र लिख अवगत कराते हुए शाशन को आगत कराया था विमानपत्तन के अधिकारियों ने हवाईपट्टी के निश्चित सीमा पर हो रहे भवन निर्माण को अवैध करार दिया था पत्र के अनुपालन में जिला प्रसासन ने एक पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से हवाई पट्टी के निश्चित सीमा के अलावा म्योरपुर पूरे गाँव में हो रहे भवन निर्माण को पुलिस द्वारा रुकवाया जा रहा है ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अपनी माँग रखी है कि अगर म्योरपुर विस्तारीकरण में सरकार जो 700 एकड़ में भूमि अधिग्रहण करने की बात कर रही है तो हवाई पट्टी अथार्टी के अधिकारी आए और बताएं कि उन्हें भूमि कहां तक लेनी है उनके द्वारा पत्र लिख पूरे गाँव को परेशान किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने माँग की है कि जिलाधिकारी महोदय हवाईपट्टी विस्तारीकरण में आने वाली भूमि का सीमांकन करा ले जिससे हमें पता चल जाये कि कहा तक कि भूमि सरकार अधिग्रहण करेगी जमीन का सीमांकन होने के बाद हम ग्रामीणों को अपना भवन निर्माण में दिक्कतों का सामना ना करना पढ़े ग्रामीणों ने यह भी कहा है जैसे भवन निर्मण रूकवाया जा रहा है जिला प्रसासन पहले मुआवजा तय करे जिससे हम अपनी अधूरे मकानों के निर्माण कर सके। ग्रामीणों का कहना है कि हम कोई नया निर्माण नही कर रहे है अपने अधूरे मकान को ही बनवा रहे है आलम यह है हमे कर्कट का सीट भी पुलिस द्वारा नही रखने दिया जा रहा है।

इनसेट
हवाईपट्टी के पश्चिम हिस्से में 25 सौ मीटर रनवे बढ़ती है तो बच जाएगा सैकड़ो साल पुराना म्योरपुर बाजार व बस्ती

 

हवाईपट्टी विस्तारीकरण में एयरपोर्ट अथॉरिटी अगर रनवे के पश्चिम हिस्से में 25 सौ मीटर रनवे की लंबाई बढ़ाती है व उतरी हिस्से में 800 मीटर चौड़ाई व पूरब में 200 मीटर लंबाई बढ़ाती है तो म्योरपुर बाजार व आधी बस्ती बच सकती है।अगर हवाईपट्टी का विस्तार दक्षिण दिशा में होता है तो हजारो की संख्या में बेशकीमती शाखों सागवान के पेड़ों को काटना पड़ेगा जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान होगा वर्तमान समय में हवाई पट्टी के दक्षिणी हिस्से में भवन निर्माण टर्मिनल तथा पार्किंग का निर्माण लगभग हो चुका है ऐसी दशा में हवाई पट्टी के पश्चिम व उत्तर व 200 मीटर पूरब के हिस्से में लम्बाई बढ़ाई जाए तो हवाई पट्टी का निश्चित जो सीमा है 700 एकड़ का है वह भी पूरी हो जाएगी और गांव भी उजड़ने से बच जाएगा बता दें कि अगर ऐसा होता है तो कुंडाडी,हरहोरी करकोरी गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

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