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*न्यूज़ अपडेट वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग ने फिर ली एक कि जान* रोड की देखरेख वाली कंपनी का दोष दे रहे आमलोग

*न्यूज़ अपडेट
वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग ने फिर ली एक कि जान*

रोड की देखरेख वाली कंपनी का दोष दे रहे आमलोग

हादसे पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा कारण बहुत सी है
चोपन सोनभद्र
अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन थाना क्षेत्र के बैरियर के पास एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। ट्रक और बाइक की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई एवं एक व्यक्ति घायल हो गया।
वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर आए दिन कोई न कोई घटना का शिकार होता ही रहता है। सबसे ज्यादा बाइक वाले ही घटना का शिकार होते है। चाहे वो हेलमेट पहने रहे या न पहनें रहे। सोमवार को भी एक बाइक और ट्रक की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत जबकि दूसरा व्यक्ति घायल हो गया। दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर सिंदुरिया की तरफ से आ रहे थे तभी तेज़ रफ़्तार रॉबर्ट्सगंज की तरफ से आ रही ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी।
दुर्घटना में मृतक देवीचरण पांडे पुत्र आशुतोष पांडे निवासी कुलडीहा के बताए जा रहे है। वही घायल युवक सुधीर प्रसाद उम्र 50 वर्ष को प्राथमिक चिकित्सालय ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों के अनुसार घायल व्यक्ति खतरे से बाहार है। लोगों की माने तो रोड की देखरेख वाली चेतक कंपनी और प्रशासन की लापरवाही एवं लोगों की नादानी से आये दिन हादसे होते रहते है। इस तरह की आये दिन होते हादसों पर अंकुश लगाना नामुमकिन सा लगता है इस क्षेत्र में।
पूल को हादसे का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। दो में से एक ही पूल बड़ी वाहनों के लिए चालू होने से बैरियर-सिंदुरिया चौराहे पर वनवे की स्थिति रहती है। दूसरा सबसे बड़ा कारण की रोड पर ही ऑटो वाले कतार लगाकर खड़े होते है और जब सवारी देखते है तो तुरंत ब्रेक बिना आगे पीछे देख लगा देते है। जिस कारण भी हादसा हो जाता है। लोगों की माने तो कई बार सरकारी धन से पूल की मरम्मत की गई फिर भी पूल सुचारू रूप से कभी चालू नहीं रहता, रहता है तो सिर्फ छोटे वाहनों के लिए। इस स्थिति में दूसरे पूल से लगातार वाहनों का आवागमन दोनों तरफ से रहता है। लोगों ने पूल की मरम्मत में हुए धन की बँटरबाट की जांच की मांग की है। आखिर पूल जब अच्छे से बन नहीं पाता वर्तमान रोड निर्माण कंपनी से तो फिर पूल को निर्माण के लिए दूसरे कंपनी को क्यों नहीं दी जाती। जब तक दोनों पूल से आवागमन सुचारू रूप से चालू नहीं हो जाता तब तक ट्रैफिक पुलिस को चौराहे पर लगा दिया जाए और रोड पर क्रमवद्ध तरीके से खड़ी वाहनों पर कार्रवाई की जाए। बात तो ये भी सामने आती है जब हादसा हो जाता है तो उसी दिन लोगों का विकराल रूप हादसे के कारण की वजह से होता है। फिर दिन बदलते ही लोग अपने कार्यों में व्यस्त होकर अपनी दिनचर्या में लग जाते है। अब देखने वाली बात यह है कि शासन-प्रशासन आखिर कब हादसों पर सजग होगा या फिर रोड पर आमजनमानस भगवान भरोसे चलते रहेंगे।

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