उत्तर प्रदेश

अपने को अमीन बता आदिवासियों को बीज के लिए बोनस दिलवाने की बात कह बैंक में करवा दिया रिन्यूल लोन

अपने को अमीन बता आदिवासियों को बीज के लिए बोनस दिलवाने की बात कह बैंक में करवा दिया रिन्यूल लोन

रन्नू गांव के चार आदिवासी किसानों को प्रलोभन दे बैंक लाकर कई कागजातों पर साइन करवा ,दलाल फरार

पीड़ितों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार

दुद्धी(रवि सिंह)कोतवाली क्षेत्र के रन्नू गांव निवासी आदिवासी ग्रामीणों के साथ खाद बीज के नाम पर सरकार द्वारा 10 हजार की राशि बोनस दिए जाने की लोलुपता दिखाकर पउनसे आधार कार्ड और पासबुक की फोटो कॉपी लेकर आवश्यक प्रपत्रों पर हस्ताक्षर व अंगूठा लगवा कर उनका लोन करवाने का मामला प्रकाश में आया है।ग्रामीणों ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।पुलिस ने कथित फरार दलाल की बाइक अपने कब्जे में लेकर मामले की छानबीन में जुट गई है।

 रन्नू गांव के आदिवासी ग्रामीण बजरंगी सिंह ,रामसिंह , रामभगत , रामलखन ने बताया कि कल मंगलवार की दोपहर गांव में एक व्यक्ति आया था जो अपने आपको अमीन बताकर यह बताया कि आप लोगों को सरकार खाद बीज के लिए 10 हजार रुपये का बोनस दे रही है यह कहकर वह कल हम लोगों को इंडियन बैंक / इलाहाबाद बैंक शाखा अमवार ले आया और आधार कार्ड और पासबुक की फ़ोटो कॉपी लेकर बैंक में कई कागजातों पर अंगूठा व हस्ताक्षर यह कह करवा लिया कि सरकार द्वारा बीज और खाद का पैसा मिलेगा।कल शाम को यह कह कर भेज दिया कि आज बुधवार को आज पैसा मिलेगा।आज बैंक आने पर पैसा नहीं मिला।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने यह बात बताई थी कि उन्हें गांव में कोई अपने को अमीन बताने वाले व्यक्ति ने बताया है कि उन्हें बैंक से खाद बीज के लिए बोनस मिलेगा जिसको लेकर मैं जानकारी लेने बैंक आया ,ग्रामीणों ने उक्त कथित अमीन को पहचनवाया तो पूछने पर उस व्यक्ति ने अपने को अमीन बताया शंका पर हमने सुरक्षाकर्मियों को सुपुर्द कर मामले के बावत बैंक मैनेजर कक्ष में जाकर जानकारी लेनी चाही तो बैंक कर्मियों ने इधर सुरक्षाकर्मियों से कहकर कथित अमीन को भगवा दिया।मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को ग्रामीणों ने लिखित में दे दी है।इस बावत बैंक मैनेजर संजीव कुमार ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि उक्त लोगो ने 2017 में लोन लिया था जिसको ना जमा करने की दशा में आवश्यक प्रपत्रों को जमा कराकर कर और कागजातों पर हस्ताक्षर करवा कर उनका लोन रिन्यूल कर दिया गया है।उन्हें नहीं पता कि बैंक उन्हें कौन क्या कह कर लाया ,बैंक में उन ग्राहको को देखकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उनका लोन रिन्यूल किया गया है।

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