उत्तर प्रदेश

किशोरों को बंधक बनाकर ले जाते समय चोपन के लोगों ने धर दबोचा

किशोरों को बंधक बनाकर ले जाते समय चोपन के लोगों ने धर दबोचा, पुलिस को सौंपा पुलिस जांच में जुटी

चोपन(संवाददाताअशोक मद्धेशिया)चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत बेरियर पर रात्रि 9 बजे उस वक़्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब लोगों ने किशोरों को पकड़ के ले जाने की बात बोल कर हल्ला हंगामा मचाने लगे बताते चलें किओबरा थाना क्षेत्र के परसोंई गांव से दो नाबालिक किशोरों को बंधक बनाकर मजदूरी कराने के लिए मेरठ की ओर ले जा रहे लगभग आधा दर्जन मानव तस्करी में लिप्त दलालों को चोपन बैरियर के लोगों ने गुरुवार की देर रात संदेह होने पर दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया सूचनाओं के मुताबिक गुरुवार की रात 9:00 बजे दो कारों से लगभग आधे दर्जन मानव तस्कर सिंदुरिया रोड से गुजर रहे थे जिनके साथ 2 नाबालिक किशोर थे चोपन बैरियर के समीप ही एक कार का ईंधन समाप्त हो गया टंकी के जानकारी करने हेतु एक युवक कार से उतर कर लोगों से पूछ ही रहा था तभी कार में बैठे किशोर जोर जोर से रोने चिल्लाने लगे जिसको

सुनकर आसपास के तमाम लोग मौके पर इकट्ठे हो गए और कार सवार युवकों से बालकों के बारे में पूछताछ करने लगे जिसपर उन लोगों ने बताया की उक्त किशोरों को उनके अभिभावकों के स्वीकृति से काम कराने के लिए मेरठ ले जा रहे हैं और भी तमाम तरह का गोलमोल जवाब देने पर स्थानीय लोगों को संदेह हुआ और इसी बीच किसी ने चोपन पुलिस को खबर कर दी है सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस सभी को थाने ले गई

जहां उनसे पूछताछ की जा रही है हालांकि पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर मुकामी पुलिस इस तरह की किसी भी घटना से इंकार कर रही है लेकिन यह बात किसी से छुपी नहीं है कि चोपन विकास खंड के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में आदिवासी बहुल क्षेत्र की जनता वन्य उपज और छोटी मोटी खेती बारी के काम पर ही निर्भर है गरीबी और अशिक्षा का फायदा उठाकर हरियाणा पंजाब मेरठ आदि से आकर मानव तस्कर और उनके दलाल क्षेत्रों में आए दिन घूमते रहते हैं और गरीब जनता को बहला फुसलाकर नाना प्रकार का प्रलोभन देकर उनके बच्चों को काम कराने के लिए ले जाते हैं और उनसे कठोर शारीरिक श्रम लेते हैं वहां बच्चों के हाथ में मोबाइल भी नहीं दिया जाता खाने-पीने के लिए भी परेशान किया जाता है जब तक बच्चों के परिजनों को सच्चाई का पता लगता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है फिर अभिभावक परेशान होकर थानों का चक्कर लगाते फिरते रहते हैं फिलहाल गहनता और जांच का विषय है चोपन पुलिस जांच में लगी हुई है शीघ्र ही इसका खुलासा होगा कि यह कौन लोग हैं और कहां से आए थे बच्चों को कहां लेकर जा रहे थे ये मामला बाल श्रम कानून के अंतर्गत भी आता हैक्योंकि शासन शिक्षा के लिए छात्रों को सारी सुविधा मुहैया कराती है की ग्रामीण आदिवासीके बच्चे पढ़ लिख कर समाज की मुख्यधारा से जुड़े फिर भी उसका कोई उल्लंघन करता है तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई बनता है बाल श्रम के अंतर्गत

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