उत्तर प्रदेशसोनभद्र

मुख्यमंत्री के सख्त आदेश की अनदेखी करता पंचायत प्रशासन,पूरे नगर में घूमते निराश्रित गोवंश।

पंचायत प्रशासन कागजी खानापूर्ति करके मस्त , खुले में घूम रहें निराश्रित गौंवशो से दुकानदार और नागरिक त्रस्त‌।

 

जिलाधिकारी महोदय शासनादेश के मुताबिक ईओ चोपन को सख्त आदेश दें कि निराश्रित गौंवशो को पकड़वा कर सही स्थान गौशाला भेजवाया जाएं।

अशोक मद्धेशिया
क्राइम जासूस
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। पहले की तरह इन दिनों पूरे नगर में निराश्रित गायों का घूमना बदस्तूर जारी है रामलीला मैदान सब्जी मंडी,मुख्य राज्य मार्ग मेन मार्केट ,कैलाश मंदिर, रेलवे कॉलोनी बैरियर,प्रीतनगर एवं नगर के सभी स्थानों पे निराश्रित गायों को घूमते एवं लड़ते हुए देखे जा सकते है इसके लिए दोषी कौन हैं लापरवाह पंचायत प्रशासन या गौं स्वामी।
सूत्रों की माने तो इसके लिए सर्वप्रथम इन गायों के स्वामी मूलरूप से दोषी हैं जब तक गाय दुध देती हैं तब तक इन्हें खूंटे से बांधकर दूध का सेवन करते हैं इसके बाद जब गाय दूध देना बंद कर देती हैं तो गाय स्वामी बिना मोह-माया के छुट्टा छोड़ देते हैं जो पुरे नगर में चारा के लिए विचरण करते रहती हैं। सब्जी मंडी में यदि सब्जी विक्रेता की अगर सब्जी खा लेती हैं तो नुकसान होने के कारण सब्जी विक्रेता छुटटा लाठी चलाकर मारते हैं जिससे ऐ गाये बेतहाशा भागने लगती है और सब्जी मंडी में सब्जी लेकर जा रहें महिला- पुरुष इनके चपेट में आकर चोटिल हो जाते हैं। साथ ही सब्जी विक्रेता की लाठी खाकर गाये भी चोटिल हो जाती हैं कुछ गाय और बैल मरखैल टाइप की होती है सीधे जाते हुए महिला, पुरुष बच्चों को पीछे से सिंघ लगाकर उठाकर पटक देती हैं जिससे बिना कसूर व्यक्ति बेडरेस्ट या हास्पिटल चले जाते हैं।
अधिशासी अधिकारी देवहूति पांडे चोपन में आवास नहीं रहते हुए राबर्टसगंज में रहती हैं यह भी सोचनीय विषय हैं।
पंचायत बड़े बाबू के सहारे चल रहा हैं पंचायत चेयरमैन अपने व्यवसाय में मस्त हैं आखिर ऐ निराश्रित गौवंश जाएं तो कहां जाएं शासनादेश से कोई फर्क नहीं पड़ता पंचायत प्रशासन को क्योंकि कागजी खानापूर्ति पूर्ण हैं कि खुले में घूम नही रही हैं ।
क्राइम जासूस न्यूज के माध्यम से इस जटिल समस्या को न्यूज के माध्यम उठाता रहता है तब जाकर पंचायत द्वारा गौंवंशो को कर्मचारियों से पकड़वाकर गौशाला भेजवाया जाता हैं। लोकप्रिय मुख्यमंत्री उ०प्र० शासन के आदेश की अनदेखी करते हुए निराश्रित गौं वंशों गौशाला भेजवाने के लिए अभी तक कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा हैं। जिससे खुले घूम रहें निराश्रित गौवंशो के जान का खतरा के साथ आमजन-मानस के जान- माल का खतरा हैं। हर महीने दो-चार निराश्रित गाय-बैल गाड़ी की चपैट में आकर असमय काल के गाल समा जाती हैं।
स्थानीय भाजपाजनों एवं संभ्रांत निवासियों ने मुख्यमंत्री के आदेशा- नुसार जिलाधिकारी महोदय का ध्यान आकर्षित कराते हुए मांग कियाकि नगर पंचायत अध्यक्ष/ईओ को आदेशित करें कि खुले में घूम रहें निराश्रित गायों को पकड़वाकर इन्हें सही स्थान गौशाला भिजवाया जाय। जिससे गायों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के जान-माल के साथ गौवंशो की सुरक्षा हो सकें और शासन की छवि आम- जनमानस में बना रहें।

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